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मंगलवार, 6 मार्च 2012

समाज

जब भी

होली का दिन आता है

वह भिखारी

बडा‌ खुश हो जाता है

क्योंकि

उसी दिन तो वह

फटे-पुराने कपडे‌ पहनकर

समाज में

गले मिल पाता है।

2 टिप्‍पणियां:

  1. सुन्दर प्रस्तुति |

    होली है होलो हुलस, हुल्लड़ हुन हुल्लास।
    कामयाब काया किलक, होय पूर्ण सब आस ।।

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